प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात 12 बाजे वीडियो मेसेज के द्वारा कहा की पेपर लीक के बड़ा अपराध है ।उन्होंने कहा देश के यूवाओ के मेहनत और भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता है । पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया दोसियो के साथ जल्द और सक्त करवाई होगी , पेपर में होने वाले गबड़ी को भी रोका जाएगा इसके लिए नई और पारदर्शी वयवस्था बनाई जाएगी ।

सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन
26 दिन बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन । सोनम वंचक ने फैसला तब लिया जब केंद्रीय मंत्री ने मुलाक़ात की और आश्वासन दिया जो इस प्रकार है –
- छात्रो की सुरक्षा का आश्वासन
- Neet के पेपर लीक के ऊपर संसद में चर्चा
- प्रदर्शन में शामिल छात्रो पर कोई मुकदमा दर्ज ना हो
- पेपर प्रणाली पर सुधार हो ताकि पेपर लीक ना हो
इसके बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन
Neet पेपर लीक विवाद को बना इतना बड़ा मुद्दा?
Neet देश के प्रमुख पेपर में से एक है जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा है । इस पेपर के माध्यम से छात्रो को MBBS, BDS, और अन्य मेडिकल सीटों पर प्रवेश मिलता है । जिसमे कई छत्र सालो से मेहनत करते है और पेपर लीक के कारण उनकी पूरी मेहनत ख़राब हो जाती है ।
सालो से हो रही इस घटना के बाद परीक्षा करने वाली संस्थाओं के तकनीकी सुरक्षा , निगरानी और केन्द्रों की व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए ।
छात्रो की सबसे बड़ी चिंता
पेपर लीक घटनाओं का ज़्यादा असर उन छात्रो पर पड़ा है जो सालो से ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी करते है । इससे परीक्षा की व्यवस्था पर सवाल खड़ी करती है ,इससे छात्रो का मनोबल प्रभावित होती है ।
छात्रो की प्रमुख चिंता
॰ परीक्षा की निष्पक्षिता
॰ मेहनती छात्रो के साथ न्याय
॰ भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकना
॰ परीक्षा प्रक्रिया में सुधार
सोनम वांगचुक का अनशन इस मुद्दे की गंभीरता को उजागर करता है। छात्रों की मेहनत और समर्पण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार और संबंधित संस्थाओं को सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है। छात्रों की सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। अगर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो छात्रों का विश्वास इस प्रणाली पर और भी कमजोर होगा।